[:hn]पर्यटन, साहसिक खेलों के लिए उत्तराखंड सुरक्षित [:]

[:hn]पर्यटन और साहसिक खेलों के लिहाज से उत्तराखंड पूरी तरह सुरक्षित है। अब यह संदेश एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया पर्यटकों को देगी। [:]

[:hn]पर्यटन और साहसिक खेलों के लिहाज से उत्तराखंड पूरी तरह सुरक्षित है। अब यह संदेश एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया पर्यटकों को देगी। एसोसिएशन का मानना है कि बीती 16-17 जून की आपदा के बावजूद प्रदेश साहसिक खेलों के लिहाज से पूरी तरह से सुरक्षित है। यही वजह है कि एसोसिएशन ने इस बार का वार्षिक अधिवेशन शिवपुरी (ऋषिकेश) में आयोजित करने का फैसला किया है।
पूरे देश के एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स शामिल
एसोसिएशन ने 24-25 मार्च को हो रहे अधिवेशन में सतत एवं गतिशील पर्यटन की थीम को मुख्य आधार बनाया है। अधिवेशन में पूरे देश के एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स शामिल होंगे। बीती 16-17 जून की आपदा का सबसे अधिक प्रभाव प्रदेश के पर्यटन व्यवसाय पर ही पड़ा है। सीआईआई के एक आकलन के मुताबिक करीब 25 हजार करोड़ रुपये का नुकसान पर्यटन क्षेत्र को आपदा के कारण हुआ

समूचा प्रदेश आपदा से प्रभावित नहीं
आपदा के बाद से पर्यटक उत्तराखंड की ओर कम ही रुख कर रहे हैं जबकि मसूरी, नैनीताल और अन्य कई पर्यटक स्थल हैं जो आपदा की मार से अछूते हैं। कुछ समय पहले प्रदेश सरकार ने भी यह संदेश देने की कोशिश की थी कि समूचा प्रदेश आपदा से प्रभावित नहीं है। अब एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आयोजकों का भी कहना है कि उत्तराखंड में 80 प्रतिशत इलाके आपदा से प्रभावित नहीं हैं, पर संदेश यह गया है कि पूरे उत्तराखंड पर आपदा की मार पड़ी है।[:]